क्या धर्म और मानवता अलग-अलग सीख देते हैं?

Updated: Aug 5

मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता , समानता , और भाई -चारा सीखाये .

गांधीजी का कहना था, "अगर मुझसे हिंदू धर्म की व्याख्या करने के लिए कहा जाए तो मैं इतना ही कहूंगा-अहिंसात्मक साधनों द्वारा सत्य की खोज. कोई मनुष्य ईश्वर में विश्वास नहीं करते हुए भी अपने आपको हिंदू कह सकता है."

"सत्य की अथक खोज का ही दूसरा नाम हिंदू धर्म है

पर आजादी के 74 साल बाद भी भारतीय समाज धर्म के मुद्दे पर बहुत उलझा हुआ दिखता है | सांप्रदायिक दंगे आम हो गए हैं | इस सब को देखते हुए मुझे महसूस हुआ कि लोगों को धर्म का सही मायनों में उसका अर्थ बताया जाए |



धर्म का मतलब है नियम में रहना धर्म कभी यह नहीं सिखाता है कि आप दूसरे के धर्म को नीचा दिखाओ | कुछ लोग धर्म की आड़ में अपना गंदा और घिनौना खेल खेलते हैं | उनको पहचानो उनको समझाओ | यह ऐसे लोग हैं जो अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए धर्म के नाम पर दूसरों को लड़ाते हैं ,दूसरों का शोषण करते हैं | जबकि किसी धार्मिक ग्रंथ में भी कभी भी धर्म यह नहीं बताता है कि आप अपने धर्म का प्रचार प्रसार भड़का कर, लोगों को लड़ा कर और लोगों में दुर्भावना पैदा करके करो | अतः धर्म कभी भी बिना नियमों के चलने की आज्ञा नहीं देता | धार्मिक आचरण नास्तिक रहकर भी किया जा सकता है | जरूरी नहीं है कि आप आस्तिक होकर ही धर्म के अनुयाई होंगे | कुछ लोग धर्म के नाम पर अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं | अतः इन लोगों के बातों में नहीं आना चाहिए अपने धर्म को आप स्वयं प्रचार प्रसार कर सकते हैं | बिना किसी के बहकावे में आए | अतः धर्म उस नियम का नाम है जो व्यक्ति अपने अंदर अच्छे कर्मों को समाहित करता है , अच्छे कार्य कर सकता है ,समाज सेवा कर सकता है और समाज में बैर भावना को मिटाने का काम कर सकता है | उसी को सच्चा धार्मिक कहा जा सकता है | जो धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाते हैं | लोगों में गलत गलत भावनाएं डालते हैं ,लोगों का गलत इस्तेमाल करते हैं | उनको कभी भी धार्मिक नहीं माना जाता और उनको धर्म का कोई ज्ञान नहीं है ऐसा मेरा मानना है |


Do religions and humanity teach differently?

I believe in a religion that teaches freedom, equality and brotherhood.

Gandhiji used to say, "If I am asked to explain Hinduism, all I will say is - the search for truth by non-violent means. No man can call himself a Hindu despite not believing in God."

"Hinduism is another name for the relentless pursuit of truth "

But 74 years after independence, Indian society seems very confused on the issue of religion. Communal riots have become commonplace. Seeing all this, I felt that people should be told the meaning of religion in the true sense.

Dharma means staying in the law. Dharma never teaches that you degrade the religion of another. Some people play their dirty and disgusting game under the guise of religion. Identify them and explain them. These are people who fight others in the name of religion, exploit others to prove their selfishness. Whereas in any religious scripture, religion never tells that you can spread the propagation of your religion, by making people fight and by creating feelings away from people. Therefore, religion never commands to walk without rules. Religious conduct can also be done by being an atheist. It is not necessary that you will be a believer as a believer. All Maulvi are religious, they all prove their selfishness in the name of religion. Therefore, you should not get into the talk of these people, you can propagate your religion yourself. Without being misled. Therefore, religion is the name of the rule that a person incorporates good deeds within himself, can do good deeds, can do social service, and can work to eradicate the enmity in society. The same can be called true religious. Who fight people in the name of religion. They put wrong feelings in people, misuse people. He is never considered religious and he has no knowledge of religion, I believe.


The writer is PGT, Adharsheela Global School (Vasundra-GZB)


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