कैबिनेट ने विपणन सीजन 2022-23 के लिए रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाया

Updated: Aug 5

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी की अध्‍यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में रबी विपणन मौसम 2022-23 के लिए रबी फसलों की एमएसपी निर्धारित करने का निर्णय आज लिया गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने कहा कि हर बार की तरह एक बार फिर मोदी सरकार ने फसलों की एमएसपी बढ़ाकर तय की है, इससे देश के करोड़ों किसानों को लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले से उन कतिपय लोगों को भी सीख लेना चाहिए जो यह भ्रम फैला रहे हैं कि एमएसपी समाप्‍त कर दी जाएगी। प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्‍व में भारत सरकार देश के किसानों के कल्‍याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री जी कई बार आश्‍वस्‍त कर चुके हैं कि एमएसपी थी, है और आगे भी रहेगी।

श्री तोमर ने कहा कि एमएसपी पर तरह-तरह के झूठ बोले गए एवं भ्रम फैलाने के भरसक प्रयास हुए लेकिन नए कृषि सुधार कानूनों के पारित होने के उपरांत न केवल एमएसपी की दरें बढ़ी हैं अपितु सरकार द्वारा उपार्जन (खरीद) में भी निरंतर बढ़ोत्‍तरी हुई है। इसलिए अब एमएसपी को लेकर किसी के मन में कोई भी शंका नहीं होनी चाहिए, न ही भ्रम फैलाया जाना चाहिए।

श्री तोमर ने बताया कि मोदी सरकार ने 6 रबी फसलों- गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड/सरसों तथा कुसुम्‍भ (सूरजमुखी) की एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया है। आज हुए निर्णय के अनुसार, रबी विपणन मौसम (आरएमएस) 2022-23 के लिए 6 फसलों की एमएसपी निम्‍नानुसार तय की गई है:

श्री तोमर ने बताया कि रबी विपणन मौसम (आरएमएस) 2022-23 हेतु गेहूं की एमएसपी में वृद्धि पर कुल खर्च 92,910 करोड़ रूपये का आंकलन किया गया है, जिसका वहन खाद्यान्‍न सब्‍सिडी के रूप में भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। वर्तमान खरीफ विपणन मौसम (केएमएस) 2020-21 एमएसपी पर विगत वर्ष के 773 लाख मीट्रिक टन की तुलना में 890 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। आरएमएस 2021-22 में विगत वर्ष 390 लाख मीट्रिक टन खरीद की तुलना में 433 लाख मीट्रिक टन की गेहूं की खरीद की गई है।


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Cabinet hikes Minimum Support Price (MSP) for Rabi crops for the marketing season 2022-23


The decision to fix the MSP of Rabi crops for the Rabi marketing season 2022-23 was taken today in the meeting of the Cabinet Committee on Economic Affairs chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi. The Union Minister for Agriculture and Farmers Welfare, Shri Narendra Singh Tomar said that like every time, once again the Modi Government has fixed the MSP of crops, this will benefit crores of farmers of the country. Some people who are spreading the illusion that MSP will be abolished should also learn from this decision of the government. Under the able leadership of the Prime Minister, the Government of India is fully committed to the welfare of the farmers of the country. The Prime Minister has assured many times that the MSP was, is and will continue to be so.

Shri Tomar said that various lies were told on MSP and every effort was made to spread confusion, but after the passage of new agricultural reform laws, not only the rates of MSP have increased but there has also been a continuous increase in the procurement (procurement) by the government. Is. Therefore, now there should not be any doubt in anyone's mind about MSP, nor should any confusion be spread.

Shri Tomar informed that the Modi Government has decided to increase the MSP of 6 Rabi crops – Wheat, Barley, Gram, Lentil, Rapeseed/Mustard and Kusumbh (Sunflower). As per the decision taken today, the MSP of 6 crops for Rabi Marketing Season (RMS) 2022-23 has been fixed as under:


Shri Tomar informed that the total expenditure on increase in MSP of wheat for Rabi Marketing Season (RMS) 2022-23 has been estimated at Rs 92,910 crore, which will be borne by the Government of India in the form of food grains subsidy. In the current Kharif Marketing Season (KMS) 2020-21 MSP, 890 lakh metric tonnes of paddy has been procured as compared to last year's 773 lakh metric tonnes. In RMS 2021-22, 433 lakh metric tonnes of wheat has been procured as compared to last year's 390 lakh metric tonnes.


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